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mahabharat 12.139.111: हे राजन! बलवान के साथ युद्ध करना कभी अच्छा नहीं माना जाता। जो बलवान से युद्ध कर लेता है, उसके लिए राज्य कहाँ और सुख कहाँ?॥111॥   |   mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.139.111 
बलिना विग्रहो राजन् न कदाचित् प्रशस्यते।
बलिना विग्रहो यस्य कुतो राज्यं कुत: सुखम्॥ १११॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! बलवान के साथ युद्ध करना कभी अच्छा नहीं माना जाता। जो बलवान से युद्ध कर लेता है, उसके लिए राज्य कहाँ और सुख कहाँ?॥111॥
 
O King! It is never considered good to wage war against a strong person. For one who has picked up a fight with a strong person, where is the kingdom and where is happiness?॥111॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)