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mahabharat 12.139.106: वे अपने प्रियजनों पर उदारतापूर्वक धन बरसाते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, इसलिए वे कुबेर के समान हैं। वे गुरु हैं, क्योंकि वे धर्म का उपदेश देते हैं और रक्षक हैं, क्योंकि वे सबकी रक्षा करते हैं। 106।   |   mahabharat अध्याय 12.139: शत्रुसे सदा सावधान रहनेके विषयमें राजा ब्रह्मदत्त और पूजनी चिड़ियाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.139.106 
इष्टेषु विसृजन्नर्थान् कुबेर इव कामद:।
गुरुर्धर्मोपदेशेन गोप्ता च परिपालयन्॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
वे अपने प्रियजनों पर उदारतापूर्वक धन बरसाते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, इसलिए वे कुबेर के समान हैं। वे गुरु हैं, क्योंकि वे धर्म का उपदेश देते हैं और रक्षक हैं, क्योंकि वे सबकी रक्षा करते हैं। 106।
 
He showers wealth generously on his loved ones and fulfils their desires, therefore he is like Kubera. He is a Guru because he preaches Dharma and a protector because he protects everyone. 106.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)