श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  12.138.97 
यदा पश्यामि चाण्डालमायान्तं शस्त्रपाणिनम्।
ततश्छेत्स्यामि ते पाशान् प्राप्ते साधारणे भये॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
जब मैं देखूँगा कि चाण्डाल हाथ में शस्त्र लेकर आ रहा है, तब यदि तुझे कोई साधारण भय भी आ जाए, तो मैं तुरन्त ही तेरे बन्धन तोड़ दूँगा॥97॥
 
"When I see that the Chandala is approaching with a weapon in his hand, then if a simple fear comes over you, I will quickly break your bonds.॥ 97॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)