अकाले कृत्यमारब्धं कर्तुर्नार्थाय कल्पते।
तदेव काल आरब्धं महतेऽर्थाय कल्पते॥ ९५॥
अनुवाद
अनुचित समय पर आरंभ किया गया कार्य करने वाले के लिए लाभदायक नहीं होता, परंतु यदि वही कार्य उचित समय पर आरंभ किया जाए तो वह महान धन प्राप्ति का साधन बन जाता है ॥95॥
'Work started at an inappropriate time is not beneficial for the person doing it but if the same work is started at the right time it becomes a means of great wealth. ॥ 95॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)