श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.138.9 
विग्रहं केन वा कुर्यात् संधिं वा केन योजयेत्।
कथं वा शत्रुमध्यस्थो वर्तेत बलवानपि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
किससे युद्ध करना चाहिए? अथवा किससे संधि करनी चाहिए? और यदि बलवान पुरुष भी शत्रुओं के बीच में पड़ जाए, तो उसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?॥9॥
 
With whom should one fight? Or with whom should one enter into a peace treaty? And even if a strong man finds himself in the midst of enemies, how should he behave with him?॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)