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mahabharat 12.138.88: यह देखकर कि चूहे और बिल्ली ने अपने-अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक-दूसरे से समझौता कर लिया है, उल्लू और नेवला तुरन्त अपने निवास स्थान पर लौट गए।   |   mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 88
 
 
श्लोक  12.138.88 
कार्यार्थं कृतसंधी तौ दृष्ट्वा मार्जारमूषिकौ।
उलूकनकुलौ तूर्णं जग्मतुस्तौ स्वमालयम्॥ ८८॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर कि चूहे और बिल्ली ने अपने-अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक-दूसरे से समझौता कर लिया है, उल्लू और नेवला तुरन्त अपने निवास स्थान पर लौट गए।
 
Seeing that the mouse and the cat had made a pact with each other to achieve their respective purposes, the owl and the mongoose immediately returned to their abode. 88
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)