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mahabharat 12.138.85: बिल्ली के शरीर में छिपे चूहे को देखकर नेवला और उल्लू दोनों निराश हो गये।   |   mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.138.85 
लीनं तु तस्य गात्रेषु मार्जारस्य च मूषिकम्।
दृष्ट्वा तौ नकुलोलूकौ निराशौ प्रत्यपद्यताम्॥ ८५॥
 
 
अनुवाद
बिल्ली के शरीर में छिपे चूहे को देखकर नेवला और उल्लू दोनों निराश हो गये।
 
Seeing the mouse hidden in the cat's body, both the mongoose and the owl were disappointed. 85.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)