प्रत्युपकुर्वन् बह्वपि न भाति
पूर्वोपकारिणा तुल्य:।
एक: करोति हि कृते
निष्कारणमेव कुरुतेऽन्य:॥ ८२॥
अनुवाद
कोई व्यक्ति किसी दूसरे के उपकार का कितना ही बदला क्यों न चुकाए, वह उपकार करने वाले पहले व्यक्ति के बराबर नहीं होता; क्योंकि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के उपकार का बदला चुकाता है; परन्तु दूसरे व्यक्ति ने उसका अकारण ही उपकार किया है।॥82॥
'No matter how much a person repays the favors of another, he is not equal to the first one who did the favor; because one person repays the favor of another person; but the other person has done good to him without any reason.'॥ 82॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)