प्रत्युपकुर्वन् बह्वपि न भाति
पूर्वोपकारिणा तुल्य:।
एक: करोति हि कृते
निष्कारणमेव कुरुतेऽन्य:॥ ८२॥
अनुवाद
कोई व्यक्ति किसी दूसरे के उपकार का कितना ही बदला क्यों न चुकाए, वह उपकार करने वाले पहले व्यक्ति के बराबर नहीं होता; क्योंकि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के उपकार का बदला चुकाता है; परन्तु दूसरे व्यक्ति ने उसका अकारण ही उपकार किया है।॥82॥
'No matter how much a person repays the favors of another, he is not equal to the first one who did the favor; because one person repays the favor of another person; but the other person has done good to him without any reason.'॥ 82॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥