प्रज्ञातलक्षणे मित्रे तथैवामित्रतां गते।
कथं तु पुरुष: कुर्यात् कृत्वा किं वा सुखी भवेत्॥ ८॥
अनुवाद
यदि प्रथम लक्षण से मित्र माना हुआ व्यक्ति शत्रु हो जाए, तो मनुष्य को उसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए? अथवा सुखी होने के लिए क्या करना चाहिए?॥8॥
If the person who was considered a friend by the first signs becomes an enemy, then how should a person behave with him? Or what should he do to become happy?॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)