विधास्ये प्राप्तकालं यत् कार्यं सिद्धिकरं विभो।
मयि कृच्छ्राद् विनिर्मुक्ते न विनङ्क्ष्यति ते कृतम्॥ ७०॥
अनुवाद
प्रभु! समय आने पर मैं अवश्य ही आपकी इच्छा पूरी करने वाला कार्य करूँगा। यदि मैं इस संकट से मुक्त हो गया, तो आपका किया हुआ उपकार व्यर्थ नहीं जाएगा। मैं अवश्य ही उसका बदला चुकाऊँगा।॥ 70॥
‘Prabhu! When the time comes, I will certainly do whatever will fulfill your desire. If I am free from this crisis, the favor done by you will not go waste. I will certainly repay it.॥ 70॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)