Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.138.70: प्रभु! समय आने पर मैं अवश्य ही आपकी इच्छा पूरी करने वाला कार्य करूँगा। यदि मैं इस संकट से मुक्त हो गया, तो आपका किया हुआ उपकार व्यर्थ नहीं जाएगा। मैं अवश्य ही उसका बदला चुकाऊँगा।॥ 70॥ | mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विधास्ये प्राप्तकालं यत् कार्यं सिद्धिकरं विभो।
मयि कृच्छ्राद् विनिर्मुक्ते न विनङ्क्ष्यति ते कृतम्॥ ७०॥
अनुवाद
प्रभु! समय आने पर मैं अवश्य ही आपकी इच्छा पूरी करने वाला कार्य करूँगा। यदि मैं इस संकट से मुक्त हो गया, तो आपका किया हुआ उपकार व्यर्थ नहीं जाएगा। मैं अवश्य ही उसका बदला चुकाऊँगा।॥ 70॥
‘Prabhu! When the time comes, I will certainly do whatever will fulfill your desire. If I am free from this crisis, the favor done by you will not go waste. I will certainly repay it.॥ 70॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥