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अहं हि भृशमापन्नस्त्वमापन्नतरो मम।
द्वयोरापन्नयो: संधि: क्रियतां मा चिराय च॥ ६९॥
अनुवाद
मैं महान विपत्ति में फँसा हुआ हूँ और तुम भी महान संकट में हो। ऐसे संकट में पड़कर हम दोनों को संधि कर लेनी चाहिए। इसमें विलम्ब नहीं करना चाहिए॥69॥
'I am trapped in a great calamity and you too are in a great trouble. Being in such a trouble, both of us should make peace. There should be no delay in this.॥ 69॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥