श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  12.138.67 
ततस्तीक्ष्णाग्रदशनो मणिवैदूर्यलोचन:।
मूषिकं मन्दमुद्वीक्ष्य मार्जारो लोमशोऽब्रवीत् ॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उन्होंने लोमश नामक उस छोटे से चूहे की ओर क्षण भर दृष्टि डाली जिसके अग्रदंत बड़े तीखे थे और जिसकी आँखें नीलमणि के समान चमक रही थीं और जो इस प्रकार बोला -॥67॥
 
Thereafter he glanced briefly at the small rat named Lomash whose front teeth were very sharp and whose eyes were shining like sapphire and who said this -॥ 67॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)