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एवमुक्त्वा तु पलितस्तमर्थमुभयोर्हितम्।
हेतुमद् ग्रहणीयं च कालापेक्षी न्यवेक्ष्य च॥ ६४॥
अनुवाद
यह कहकर, जो दोनों के लिए हितकर, उचित और स्वीकार्य था, पलीता उत्तर पाने के अवसर की प्रतीक्षा में बिल्ली की ओर देखने लगी। 64.
Having said this, which was beneficial to both, reasonable and acceptable, Palita started looking at the cat, waiting for the opportunity to get an answer. 64.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥