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mahabharat 12.138.57: मार्जर! मेरी सहायता के बिना तुम यह बंधन नहीं तोड़ सकते। यदि तुम मुझे हानि नहीं पहुँचाओगे, तो मैं तुम्हारे सारे बंधन तोड़ दूँगा।' 57.   |   mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.138.57 
न हि शक्तोऽसि मार्जार पाशं छेत्तुं मया विना।
अहं छेत्स्यामि पाशांस्ते यदि मां त्वं न हिंससि॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
मार्जर! मेरी सहायता के बिना तुम यह बंधन नहीं तोड़ सकते। यदि तुम मुझे हानि नहीं पहुँचाओगे, तो मैं तुम्हारे सारे बंधन तोड़ दूँगा।' 57.
 
‘Marjar! You cannot break this bond without my help. If you do not harm me, I will break all your bonds. 57.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)