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mahabharat 12.138.37-38h: अगर मैं धरती पर आकर भागा, तो नेवला मुझे अचानक पकड़कर खा जाएगा। अगर मैं यहीं रहा, तो उल्लू अपनी चोंच से मुझे मार डालेगा और अगर मैं जाल काटकर अंदर घुसा, तो बिल्ली मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेगी।' 37 1/2   |   mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  12.138.37-38h 
गतं मां सहसा भूमिं नकुलो भक्षयिष्यति॥ ३७॥
उलूकश्चेह तिष्ठन्तं मार्जार: पाशसंक्षयात्।
 
 
अनुवाद
अगर मैं धरती पर आकर भागा, तो नेवला मुझे अचानक पकड़कर खा जाएगा। अगर मैं यहीं रहा, तो उल्लू अपनी चोंच से मुझे मार डालेगा और अगर मैं जाल काटकर अंदर घुसा, तो बिल्ली मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेगी।' 37 1/2
 
‘If I come down to earth and run, the mongoose will suddenly catch me and eat me. If I stay here, the owl will kill me with its beak and if I cut the net and enter inside, the cat will not leave me alive. 37 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)