vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान
»
श्लोक 22
श्लोक
12.138.22
शाखां तस्य समाश्रित्य वसति स्म सुखं पुरा।
लोमशो नाम मार्जार: पक्षिसंघातखादक:॥ २२॥
अनुवाद
पहले लोमश नाम का एक बिल्ली भी उसी बरगद की शाखा पर सुखपूर्वक रहता था। पक्षियों का झुंड उसका भोजन था।
Earlier, a cat named Lomash also lived happily on the same branch of the banyan tree. The flock of birds was his food.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×