श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.138.22 
शाखां तस्य समाश्रित्य वसति स्म सुखं पुरा।
लोमशो नाम मार्जार: पक्षिसंघातखादक:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
पहले लोमश नाम का एक बिल्ली भी उसी बरगद की शाखा पर सुखपूर्वक रहता था। पक्षियों का झुंड उसका भोजन था।
 
Earlier, a cat named Lomash also lived happily on the same branch of the banyan tree. The flock of birds was his food.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)