Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.138.217-218h: पाण्डुनन्दन! आपकी जीवन यात्रा ब्राह्मणों के साथ होनी चाहिए। भरतनंदन! ब्राह्मण इस लोक में भी और परलोक में भी परम कल्याणकारी हैं। 217 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणैश्चापि ते सार्धं यात्रा भवतु पाण्डव॥ २१७॥
ब्राह्मणा वै परं श्रेयो दिवि चेह च भारत।
अनुवाद
पाण्डुनन्दन! आपकी जीवन यात्रा ब्राह्मणों के साथ होनी चाहिए। भरतनंदन! ब्राह्मण इस लोक में भी और परलोक में भी परम कल्याणकारी हैं। 217 1/2॥
Pandunandan! Your life journey should be with Brahmins. Bharatnandan! Brahmins are extremely beneficial in this world as well as in the next world. 217 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥