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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान
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श्लोक 21
श्लोक
12.138.21
तस्य मूलं समाश्रित्य कृत्वा शतमुखं बिलम्।
वसति स्म महाप्राज्ञ: पलितो नाम मूषिक:॥ २१॥
अनुवाद
उसके मूल में सौ द्वारोंवाला एक बिल था, जिसमें पलीता नाम का एक अत्यंत बुद्धिमान चूहा रहता था ॥21॥
At its root lived a burrow with a hundred doors, where an extremely intelligent mouse named Palita lived. ॥21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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