Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.138.197-198h: जो लोग ईमान नहीं लाते और सतर्क रहते हैं, चाहे वे कमज़ोर हों, तो भी शत्रुओं द्वारा नहीं मारे जाते। परन्तु जो लोग उस पर ईमान लाते हैं, चाहे वे बलवान हों, तो भी अपने कमज़ोर शत्रुओं द्वारा मारे जाते हैं। 197 1/2 | mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वध्यन्ते न ह्यविश्वस्ता: शत्रुभिर्दुर्बला अपि॥ १९७॥
विश्वस्तास्तेषु वध्यन्ते बलवन्तोऽपि दुर्बलै:।
अनुवाद
जो लोग ईमान नहीं लाते और सतर्क रहते हैं, चाहे वे कमज़ोर हों, तो भी शत्रुओं द्वारा नहीं मारे जाते। परन्तु जो लोग उस पर ईमान लाते हैं, चाहे वे बलवान हों, तो भी अपने कमज़ोर शत्रुओं द्वारा मारे जाते हैं। 197 1/2
Those who do not believe and remain cautious, even if they are weak, are not killed by the enemies. But those who believe in Him, even if they are strong, are killed by their weak enemies. 197 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥