Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.138.179-180h: हमने सुना है कि अगर कोई व्यक्ति जीवित रहे, तो वह अपने शत्रुओं द्वारा छीनी गई धन-संपत्ति और रत्न वापस ला सकता है। ऐसा प्रत्यक्ष में भी देखा गया है। 179 1/2 | mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐश्वर्यधनरत्नानां प्रत्यमित्रे निवर्तताम्॥ १७९॥
दृष्ट हि पुनरावृत्तिर्जीवतामिति न: श्रुतम्।
अनुवाद
हमने सुना है कि अगर कोई व्यक्ति जीवित रहे, तो वह अपने शत्रुओं द्वारा छीनी गई धन-संपत्ति और रत्न वापस ला सकता है। ऐसा प्रत्यक्ष में भी देखा गया है। 179 1/2
‘We have heard that if a person remains alive, he can bring back the wealth, money and gems taken away by his enemies. This has been witnessed as well. 179 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥