Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.138.165-166h: सौम्य! अब तुम्हारा कार्य पूर्ण हो गया और मेरा उद्देश्य भी पूर्ण हो गया; अतः अब मुझे खाने के अतिरिक्त तुम्हारा कोई अन्य उद्देश्य पूरा नहीं होगा। | mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वं हि सौम्य कृतार्थोऽद्य निर्वृत्तार्थास्तथा वयम्॥ १६५॥
न तेऽस्त्यद्य मया कृत्यं किंचिदन्यत्र भक्षणात्।
अनुवाद
सौम्य! अब तुम्हारा कार्य पूर्ण हो गया और मेरा उद्देश्य भी पूर्ण हो गया; अतः अब मुझे खाने के अतिरिक्त तुम्हारा कोई अन्य उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
‘Soumya! Now your work is done and my purpose is also fulfilled; therefore now no other purpose of yours will be fulfilled by me except eating me. 165 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥