शुक्र आदि विद्वानों द्वारा प्रतिपादित नीति के सिद्धांतों को भली-भाँति जानने पर भी मैं आपके लिए उस जाल में कैसे फँस गया? यह आप ही मुझे बताइए॥163 1/2॥
‘How could I have entered that trap for you, even after knowing so well the principles of ethics formulated by Shukra and other scholars? You tell me this.॥ 163 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥