Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.138.161-162h: "पहले, जब कोई उचित कारण होता था, तो हम दोस्त बन जाते थे। लेकिन जब समय द्वारा प्रस्तुत कारण लुप्त हो जाता था, तो वह मित्रता भी लुप्त हो जाती थी।" 161 1/2 | mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"पहले, जब कोई उचित कारण होता था, तो हम दोस्त बन जाते थे। लेकिन जब समय द्वारा प्रस्तुत कारण लुप्त हो जाता था, तो वह मित्रता भी लुप्त हो जाती थी।" 161 1/2
"Earlier, when there was a suitable reason, we had become friends. But when the reason presented by time disappeared, that friendship also vanished." 161 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥