Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.138.146-147h: ‘यदि किसी का प्रिय पुत्र भी भटक जाए, तो माता-पिता उसे त्याग देते हैं और सभी लोग सदैव अपनी ही रक्षा करना चाहते हैं। अतः देखो, इस संसार में स्वार्थ ही सार है।’॥146 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘यदि किसी का प्रिय पुत्र भी भटक जाए, तो माता-पिता उसे त्याग देते हैं और सभी लोग सदैव अपनी ही रक्षा करना चाहते हैं। अतः देखो, इस संसार में स्वार्थ ही सार है।’॥146 1/2॥
‘If even one’s beloved son goes astray, the parents abandon him and everyone always wants to protect only themselves. So see, selfishness is the essence in this world.’॥ 146 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥