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mahabharat 12.138.14: इसलिए समय और स्थान को समझकर तथा उचित-अनुचित का निर्णय करके कुछ पर विश्वास करना चाहिए और कुछ से युद्ध करना चाहिए ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.138.14 
तस्माद् विश्वसितव्यं च विग्रहं च समाचरेत् ।
देशं कालं च विज्ञाय कार्याकार्यविनिश्चये॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इसलिए समय और स्थान को समझकर तथा उचित-अनुचित का निर्णय करके कुछ पर विश्वास करना चाहिए और कुछ से युद्ध करना चाहिए ॥14॥
 
Therefore, after understanding the time and place and deciding what is right and wrong, one should trust some and fight with some. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)