श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 136
 
 
श्लोक  12.138.136 
यद् भवानाह तत् सर्वं मया ते लोमश श्रुतम्।
ममापि तावद् ब्रुवत: शृणु यत् प्रतिभाति मे॥ १३६॥
 
 
अनुवाद
लोमश! तुमने जो कुछ कहा, वह मैंने ध्यानपूर्वक सुना है। अब मैं तुम्हें अपने मन में उठने वाले विचार बताता हूँ। अतः तुम मेरी बात सुनो॥136॥
 
'Lomas! I have listened attentively to whatever you said. Now I will tell you the thoughts that are arising in my mind. So please listen to what I am saying.॥ 136॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)