Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.138.114-115h: इस प्रकार वे दोनों बातें करते हुए रात व्यतीत कर गए। अब लोमश के मन में बड़ा भय समा गया।   |   mahabharat अध्याय 12.138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 114-115h
 
 
श्लोक  12.138.114-115h 
तयो: संवदतोरेवं तथैवापन्नयोर्द्वयो:॥ ११४॥
क्षयं जगाम सा रात्रिर्लोमशं त्वाविशद् भयम्।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वे दोनों बातें करते हुए रात व्यतीत कर गए। अब लोमश के मन में बड़ा भय समा गया।
 
In this manner the night passed by with the two of them talking while they were in trouble. Now a great fear entered Lomash's mind.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)