श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 112-113h
 
 
श्लोक  12.138.112-113h 
तस्मिन् कालेऽपि च भवान् दिवाकीर्तिभयार्दित:॥ ११२॥
मम न ग्रहणे शक्त: पलायनपरायण:।
 
 
अनुवाद
जब चाण्डाल आएगा, तब तुम उससे भयभीत होकर भागने लगोगे; तब तुम मुझे पकड़ न सकोगे।
 
When the Chandala comes, you will be terrified of him and will start running away; then you will not be able to catch me. 112 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)