श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  12.138.106 
तमेवंवादिनं प्राज्ञ: शास्त्रबुद्धिसमन्वित:।
उवाचेदं वच: श्रेष्ठं मार्जारं मूषिकस्तदा॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
वह चूहा बड़ा विद्वान् और नीतिज्ञ बुद्धिवाला था। उस समय उसने बिल्वस से यह अद्भुत बात कही। बिल्वस ने इस प्रकार कहा -॥106॥
 
The rat was a great scholar and was endowed with wisdom that knew ethics. At that time he said this wonderful thing to Bilavas who said thus -॥ 106॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)