यदि किंचिन्मयाज्ञानात् पुरस्ताद् दुष्कृतं कृतम्।
न तन्मनसि कर्तव्यं क्षामये त्वां प्रसीद मे॥ १०५॥
अनुवाद
यदि पूर्वकाल में अज्ञानवश मैंने आपका कुछ अपराध किया हो तो आप उसे हृदय में न लें, क्षमा करें, मुझ पर प्रसन्न हों॥105॥
'If I have done any wrong to you in the past due to ignorance, then you should not take it to heart, I ask for forgiveness. Please be pleased with me.॥ 105॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥