श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 138: शत्रुओंसे घिरे हुए राजाके कर्तव्यके विषयमें बिडाल और चूहेका आख्यान  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  12.138.104 
अथवा पूर्ववैरं त्वं स्मरन् कालं जिहीर्षसि।
पश्य दुष्कृतकर्मंस्त्वं व्यक्तमायु: क्षयं तव॥ १०४॥
 
 
अनुवाद
अथवा यदि तू पूर्व-वैर का स्मरण करके यहाँ समय नष्ट करना चाहता है, तो हे पापी! देख इसका क्या परिणाम होगा। तेरी आयु अवश्य ही कम हो जाएगी॥104॥
 
'Or if you want to waste time here remembering the past enmity, then you sinner! See what will be the result of this. Your life span will surely be shortened.॥ 104॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)