Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.137.3: हे कुन्तीपुत्र! कहते हैं कि एक कम गहरे तालाब में बहुत सी मछलियाँ रहती थीं। उसी तालाब में तीन कुशल मछलियाँ भी रहती थीं, जो सदैव साथ-साथ विचरण करती थीं और एक-दूसरे की मित्र थीं। ॥3॥ | mahabharat अध्याय 12.137: आने वाले संकटसे सावधान रहनेके लिये दूरदर्शी, तत्कालज्ञ और दीर्घसूत्री—इन तीन मत्स्योंका दृष्टान्त । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कुन्तीपुत्र! कहते हैं कि एक कम गहरे तालाब में बहुत सी मछलियाँ रहती थीं। उसी तालाब में तीन कुशल मछलियाँ भी रहती थीं, जो सदैव साथ-साथ विचरण करती थीं और एक-दूसरे की मित्र थीं। ॥3॥
O son of Kunti! It is said that in a pond which was not very deep, there lived many fishes. In the same pond lived three efficient fishes also who always roamed together and were friends of each other. ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥