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mahabharat 12.137.14: जब मछुआरा मछलियों से भरा जाल उठाने के लिए रस्सी खींचने लगा, तब वह चतुर मछली भी मछलियों के बीच घुस गई और जाल में बंध गई॥14॥   |   mahabharat अध्याय 12.137: आने वाले संकटसे सावधान रहनेके लिये दूरदर्शी, तत्कालज्ञ और दीर्घसूत्री—इन तीन मत्स्योंका दृष्टान्त   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 137: आने वाले संकटसे सावधान रहनेके लिये दूरदर्शी, तत्कालज्ञ और दीर्घसूत्री—इन तीन मत्स्योंका दृष्टान्त  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.137.14 
उद्याने क्रियमाणे तु मत्स्यानां तत्र रज्जुभि:।
प्रविश्यान्तरमेतेषां स्थित: सम्प्रतिपत्तिमान्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
जब मछुआरा मछलियों से भरा जाल उठाने के लिए रस्सी खींचने लगा, तब वह चतुर मछली भी मछलियों के बीच घुस गई और जाल में बंध गई॥14॥
 
When the fisherman began pulling the rope to lift the net full of fish, the quick-witted fish too entered among the fish and got tied up in the net.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)