Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.135.9: जो लोग इस भय से डाकू के हाथों से भोजन स्वीकार नहीं करते थे कि कहीं डाकू उनके घर का भोजन न खा ले, वह सुबह-सुबह ही उनके घरों में भोजन तथा अन्य खाद्य पदार्थ जैसे फल और कंदमूल छोड़ देते थे। | mahabharat अध्याय 12.135: मर्यादाका पालन करने-करानेवाले कायव्यनामक दस्युकी सद्गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
येऽस्मान्न प्रतिगृह्णन्ति दस्युभोजनशङ्कया।
तेषामासज्य गेहेषु कल्य एव स गच्छति॥ ९॥
अनुवाद
जो लोग इस भय से डाकू के हाथों से भोजन स्वीकार नहीं करते थे कि कहीं डाकू उनके घर का भोजन न खा ले, वह सुबह-सुबह ही उनके घरों में भोजन तथा अन्य खाद्य पदार्थ जैसे फल और कंदमूल छोड़ देते थे।
Those who did not accept food from the robber's hands fearing that the robber might eat the food at his home, he would leave food and other food items like fruits and roots in their houses early in the morning.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥