Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.134.5: बलवान पुरुष में यदि बहुत-सी बुराई भी हो, तो भी भय के कारण कोई उसके विषय में कुछ नहीं कहता। यदि बल और धर्म दोनों सत्य पर प्रतिष्ठित हों, तो वे मनुष्य को महान भय से बचा लेते हैं। 5॥ | mahabharat अध्याय 12.134: बलकी महत्ता और पापसे छूटनेका प्रायश्चित्त । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बलवान पुरुष में यदि बहुत-सी बुराई भी हो, तो भी भय के कारण कोई उसके विषय में कुछ नहीं कहता। यदि बल और धर्म दोनों सत्य पर प्रतिष्ठित हों, तो वे मनुष्य को महान भय से बचा लेते हैं। 5॥
Even if there is a lot of evil in a strong man, no one says anything about him out of fear. If both force and religion are established over truth, then they protect man from great fear. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥