श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 134: बलकी महत्ता और पापसे छूटनेका प्रायश्चित्त  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  12.134.4 
श्रियो बलममात्यांश्च बलवानिह विन्दति।
यो ह्यनाढॺ: स पतितस्तदुच्छिष्टं यदल्पकम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
शक्तिशाली मनुष्य को इस संसार में धन, सेना और मंत्री सब कुछ प्राप्त हो जाता है। दरिद्र मनुष्य पतित माना जाता है और जो थोड़ा-बहुत धन किसी के पास होता है, वह बचा हुआ या बचा हुआ माना जाता है। ॥4॥
 
A powerful man gets everything in this world- wealth, army and ministers. A poor person is considered to be a fallen person and the very little wealth that someone has is considered to be left over or leftovers. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)