Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.134.11: लोग दुर्बल मनुष्य के विषय में इस प्रकार कहने लगते हैं - ‘अहा! इसके पापपूर्ण आचरण के कारण इसके बन्धु-बान्धवों ने इसे त्याग दिया है।’ उनकी बातों से आहत होकर वह अत्यन्त व्यथित हो जाता है ॥11॥ | mahabharat अध्याय 12.134: बलकी महत्ता और पापसे छूटनेका प्रायश्चित्त । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोग दुर्बल मनुष्य के विषय में इस प्रकार कहने लगते हैं - ‘अहा! इसके पापपूर्ण आचरण के कारण इसके बन्धु-बान्धवों ने इसे त्याग दिया है।’ उनकी बातों से आहत होकर वह अत्यन्त व्यथित हो जाता है ॥11॥
People start saying about a weak man like this - 'Oh! Due to his sinful conduct, he has been abandoned by his relatives.' Wounded by their words, he becomes very distressed. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥