Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.133.2: अतः राजा को चाहिए कि वह धन का संग्रह करे, सम्मानपूर्वक उसकी रक्षा करे और रक्षा करने के बाद उसे बढ़ाता रहे; यही राजा का सनातन कर्तव्य है॥2॥ | mahabharat अध्याय 12.133: राजाके लिये कोशसंग्रहकी आवश्यकता, मर्यादाकी स्थापना और अमर्यादित दस्युवृत्तिकी निन्दा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः राजा को चाहिए कि वह धन का संग्रह करे, सम्मानपूर्वक उसकी रक्षा करे और रक्षा करने के बाद उसे बढ़ाता रहे; यही राजा का सनातन कर्तव्य है॥2॥
Therefore the king should collect wealth, protect it with respect and after protecting it he should continue to increase it; this is the eternal duty of a king.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥