Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.133.18: जिनका सब कुछ लुट गया है, वे लोग लुटेरों से मित्रता और विश्वास बढ़ाने का प्रयत्न करते हैं और उनका पता आदि पता लगाकर उनका सब कुछ नष्ट कर देते हैं, यह निश्चित बात है ॥18॥ | mahabharat अध्याय 12.133: राजाके लिये कोशसंग्रहकी आवश्यकता, मर्यादाकी स्थापना और अमर्यादित दस्युवृत्तिकी निन्दा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अभिसंदधते ये च विश्वासायास्य मानवा:।
अशेषमेवोपलभ्य कुर्वन्तीति विनिश्चय:॥ १८॥
अनुवाद
जिनका सब कुछ लुट गया है, वे लोग लुटेरों से मित्रता और विश्वास बढ़ाने का प्रयत्न करते हैं और उनका पता आदि पता लगाकर उनका सब कुछ नष्ट कर देते हैं, यह निश्चित बात है ॥18॥
People whose everything is looted, try to develop friendship and trust with the robbers and after finding out their whereabouts etc. they destroy their everything, this is a certain thing. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥