श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 131: आपत्तिग्रस्त राजाके कर्तव्यका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.131.11 
अनुरक्तेन चेष्टेन हृष्टेन जगतीपति:।
अल्पेनापि हि सैन्येन महीं जयति भूमिप:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
यदि सेना प्रेममयी, स्वामी को प्रिय और स्वस्थ हो, तो उस छोटी सी सेना से भी राजा पृथ्वी पर विजय प्राप्त कर सकता है ॥11॥
 
If the army is loving, dear to the lord and is healthy, then with that small army also the king can conquer the earth. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)