श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 129: यम और गौतमका संवाद  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.129.3 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
गौतमस्य च संवादं यमस्य च महात्मन:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - युधिष्ठिर! इस धर्म के विषय में भी विद्वान पुरुष गौतम और महात्मा यम के संवाद रूपी प्राचीन इतिहास का उदाहरण देते हैं॥3॥
 
Bhishmaji said – Yudhishthir! Regarding this religion also, learned men give the example of an ancient history in the form of dialogue between Gautam and Mahatma Yama. 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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