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mahabharat 12.128.8: तब दुर्बल शरीर वाले मुनि ने पूर्वकाल की सारी घटनाओं को स्मरण करके राजा से ऐसा कहा मानो उन्हें उसी बात का स्मरण करा रहे हों ॥8॥   |   mahabharat अध्याय 12.128: तनु मुनिका राजा वीरद्युम्नको आशाके स्वरूपका परिचय देना और ऋषभके उपदेशसे सुमित्रका आशाको त्याग देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 128: तनु मुनिका राजा वीरद्युम्नको आशाके स्वरूपका परिचय देना और ऋषभके उपदेशसे सुमित्रका आशाको त्याग देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.128.8 
तत: संस्मृत्य तत् सर्वं स्मारयिष्यन्निवाब्रवीत्।
राजानं भगवान् विप्रस्तत: कृशतनुस्तदा॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तब दुर्बल शरीर वाले मुनि ने पूर्वकाल की सारी घटनाओं को स्मरण करके राजा से ऐसा कहा मानो उन्हें उसी बात का स्मरण करा रहे हों ॥8॥
 
Then the feeble bodied sage, remembering all the previous events, said this to the king as if reminding him of the same. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)