Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.128.19: राजा! उस महान ब्राह्मण ऋषि के वचन सुनकर राजा और उसकी रानी ने अपने माथे से उनके चरणों का स्पर्श किया और वहीं गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 12.128: तनु मुनिका राजा वीरद्युम्नको आशाके स्वरूपका परिचय देना और ऋषभके उपदेशसे सुमित्रका आशाको त्याग देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 128: तनु मुनिका राजा वीरद्युम्नको आशाके स्वरूपका परिचय देना और ऋषभके उपदेशसे सुमित्रका आशाको त्याग देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  12.128.19 
एतच्छ्रुत्वा ततो राजन् स राजा सावरोधन:।
संस्पृश्य पादौ शिरसा निपपात द्विजर्षभम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
राजा! उस महान ब्राह्मण ऋषि के वचन सुनकर राजा और उसकी रानी ने अपने माथे से उनके चरणों का स्पर्श किया और वहीं गिर पड़े।
 
King! On hearing the words of that great Brahmin sage, the king along with his queen touched his feet with their foreheads and fell down right there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)