Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.128.17: हे नरेन्द्र! वृद्ध स्त्रियों के मन में जो पुत्र प्राप्ति की आशा रहती है, तथा धनवानों के मन में जो अधिकाधिक धन कमाने की आशा रहती है, वह मुझे बहुत क्षीण लगती है। | mahabharat अध्याय 12.128: तनु मुनिका राजा वीरद्युम्नको आशाके स्वरूपका परिचय देना और ऋषभके उपदेशसे सुमित्रका आशाको त्याग देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे नरेन्द्र! वृद्ध स्त्रियों के मन में जो पुत्र प्राप्ति की आशा रहती है, तथा धनवानों के मन में जो अधिकाधिक धन कमाने की आशा रहती है, वह मुझे बहुत क्षीण लगती है।
O Narendra! The hope of having a son which remains in the heart of old women and the hope of earning more and more wealth which remains in the mind of rich people is very weak to me. 17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥