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mahabharat 12.127.9: उसके सिर, कान और नेत्र उसके शरीर के अनुरूप थे। हे राजनश्रेष्ठ! उसकी वाणी और कर्म साधारण थे॥9॥   |   mahabharat अध्याय 12.127: ऋषभका राजा सुमित्रको वीरद्युम्न और तनु मुनिका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 127: ऋषभका राजा सुमित्रको वीरद्युम्न और तनु मुनिका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.127.9 
शिर: कायानुरूपं च कर्णौ नेत्रे तथैव च।
तस्य वाक्चैव चेष्टा च सामान्ये राजसत्तम॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उसके सिर, कान और नेत्र उसके शरीर के अनुरूप थे। हे राजनश्रेष्ठ! उसकी वाणी और कर्म साधारण थे॥9॥
 
His head, ears and eyes were in accordance with his body. O best of kings! His speech and actions were ordinary.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)