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mahabharat 12.127.21: तब ऋषि बोले, 'हे राजन! आपके पुत्र ने एक बार अपने दुर्भाग्य के कारण मूर्खतापूर्ण विचार करके एक पूजनीय ऋषि का अपमान कर दिया था।   |   mahabharat अध्याय 12.127: ऋषभका राजा सुमित्रको वीरद्युम्न और तनु मुनिका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 127: ऋषभका राजा सुमित्रको वीरद्युम्न और तनु मुनिका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  12.127.21 
मुनिरुवाच
महर्षिर्भगवांस्तेन पूर्वमासीद् विमानित:।
बालिशां बुद्धिमास्थाय मन्दभाग्यतयाऽऽत्मन:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
तब ऋषि बोले, 'हे राजन! आपके पुत्र ने एक बार अपने दुर्भाग्य के कारण मूर्खतापूर्ण विचार करके एक पूजनीय ऋषि का अपमान कर दिया था।
 
Then the sage said, 'O King! Your son had once insulted a respected sage due to his misfortune by resorting to foolish thinking.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)