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mahabharat 12.127.2: हे राजनश्रेष्ठ! बहुत समय पहले की बात है, जब मैं समस्त तीर्थों में भ्रमण करता हुआ भगवान नर नारायण के दिव्य आश्रम में पहुँचा था॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 12.127: ऋषभका राजा सुमित्रको वीरद्युम्न और तनु मुनिका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.127.2 
पुराहं राजशार्दूल तीर्थान्यनुचरन् प्रभो।
समासादितवान् दिव्यं नरनारायणाश्रमम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! बहुत समय पहले की बात है, जब मैं समस्त तीर्थों में भ्रमण करता हुआ भगवान नर नारायण के दिव्य आश्रम में पहुँचा था॥ 2॥
 
O best of kings! It happened long ago, after roaming around in all the holy places, I reached the divine ashram of Lord Nara Narayan.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)