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mahabharat 12.126.7: हे भरतपुत्र! तत्पश्चात् राजा सुमित्र ने आवश्यकतानुसार उन सभी ब्राह्मणों से बात की और उन्हें अपना कार्यक्रम बताया।   |   mahabharat अध्याय 12.126: राजा सुमित्रका मृगकी खोज करते हुए तपस्वी मुनियोंके आश्रमपर पहुँचना और उनसे आशाके विषयमें प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.126.7 
तत: स राजा सर्वेभ्यो द्विजेभ्य: पुरुषर्षभ।
आचचक्षे यथान्यायं परिचर्यां च भारत॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे भरतपुत्र! तत्पश्चात् राजा सुमित्र ने आवश्यकतानुसार उन सभी ब्राह्मणों से बात की और उन्हें अपना कार्यक्रम बताया।
 
O great man Bharata's son! Thereafter King Sumitra spoke to all those Brahmins as per the need and told them his programme.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)