Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.126.3: ऋषियों द्वारा किए गए हार्दिक स्वागत के बाद राजा ने सभी तपस्वियों से उनकी तपस्या की प्रगति के बारे में भी पूछा।   |   mahabharat अध्याय 12.126: राजा सुमित्रका मृगकी खोज करते हुए तपस्वी मुनियोंके आश्रमपर पहुँचना और उनसे आशाके विषयमें प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 126: राजा सुमित्रका मृगकी खोज करते हुए तपस्वी मुनियोंके आश्रमपर पहुँचना और उनसे आशाके विषयमें प्रश्न करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.126.3 
स पूजामृषिभिर्दत्तां सम्प्रगृह्य नराधिप:।
अपृच्छत् तापसान् सर्वांस्तपसो वृद्धिमुत्तमाम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
ऋषियों द्वारा किए गए हार्दिक स्वागत के बाद राजा ने सभी तपस्वियों से उनकी तपस्या की प्रगति के बारे में भी पूछा।
 
After receiving the warm welcome extended by the sages, the king also asked all the ascetics about the progress of their austerities.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)