Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.125.9: राजर्षि सुमित्रा हैहयवंश के एक राजा थे। एक दिन वे शिकार खेलने के लिए वन में गए। वहाँ उन्होंने एक हिरण को टेढ़े सिरे वाले बाण से घायल कर दिया और उसका पीछा करने लगे॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.125: युधिष्ठिरका आशाविषयक प्रश्न—उत्तरमें राजा सुमित्र और ऋषभ नामक ऋषिके इतिहासका आरम्भ, उसमें राजा सुमित्रका एक मृगके पीछे दौड़ना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुमित्रो नाम राजर्षिर्हैहयो मृगयां गत:।
ससार स मृगं विद्ध्वा बाणेनानतपर्वणा॥ ९॥
अनुवाद
राजर्षि सुमित्रा हैहयवंश के एक राजा थे। एक दिन वे शिकार खेलने के लिए वन में गए। वहाँ उन्होंने एक हिरण को टेढ़े सिरे वाले बाण से घायल कर दिया और उसका पीछा करने लगे॥9॥
Rajarshi Sumitra was a king of the Haihayavanshi dynasty. One day he went to the forest to hunt. There he wounded a deer with an arrow having a bent tip and began to chase it.॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥